Bhoot Pret ki Kahani – Kankal ka Aatank

मैं आज आपको अपने साथ घटी सच्ची bhoot pret ki kahani hindi में बताने जा रहा हूँ।।। मेरा नाम रवि है और मैं असम में रहता हूँ। मेरे पापा सरकारी ऑफिस में कर्मचारी है। कुछ समय पहले हमनें अपना पुराना मकान बैच कर शहर से थोड़ा दूर ज़मीन खरीदा था। और उसी पर एक मकान बनवाया। अभी हम उस मकान में रहने गए ही थे की प्रेत आत्मा और भूतों नें हमारा जीना हराम करना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले की बात है, जब मैं दोपहर में किताब पढ़ रहा था तो मेरे बैड के निचे की ज़मीन पर कुछ आवाज़ें आने लगी, और मुझे ऐसा लगा की पीछे से कोई मेरे बाल खींच रहा है। फिर थोड़ी देर में ऐसा लगा की, जैसे की ज़मीन के अंदर से कोई खुदाई कर रहा हो। वह आवाज़ इतनी भयानक थी की मुझे बहुत डर महेसूस हुआ। मैंने फौरन अपनी माँ को वहाँ बुलाया। हम दोनों नें वह डरावनी आवाज़ें सुनी। तभी अचानक किचन से कुछ आवाज़ आई, मैंने माँ को पूछा की तुम नें कुछ गैस पर रखा है? माँ नें कहा की कुकर मै दाल पक रही है। मै दौड़ कर किचन में गया तो मेरी रूह काँप गयी,,, कुकर हवा में था और गैस बंद था। यह खौफनाक नज़ारा देख कर मेरी चीख निकल गयी। माँ जैसे ही दौड़ कर मेरे पास आई तो,,, दाल से भरा कुकर धड़ाम से अपने आप ज़मीन पर गिर पड़ा। मै और मेरी माँ यह सब पारलौकिक घटनाये देख कर सकते में आ गए। दो पहर होने तक मै और माँ मकान के बाहर गार्डन में ही बैठे रहे। तभी मेरे पापा घर लौट आए।

हम दोनों नें उन्हें पूरी घटना बता दी। पहले तो पापा ने विश्वास नहीं किया पर जब उन्होने गिरा हुआ कुकर देखा और एक-दो बार ज़मीन से आने वाली भयानक आवाज़ें सुनी तो उन्हे भी विश्वास हो गया की हमारे घर में भूत प्रेत का डेरा है। उस रात खौफ के साये में हम सब सो तो गए पर रात के तीन बझते ही ज़मीन से आवाज़े आना शुरू हो गया। पापा माँ और में तीनों मेरे कमरे में से आने वाली आवाज़े सुननें लगे। अभी अचानक हमारे घर के गार्डन में लंबी सी परछाई दिखी। पापा फौरन दौड़ कर गार्डन में गए। पापा के घर से बाहर जाते ही वह परछाई तुरन्त हमारे घर के अंदर आ घुसी और हमारे पानी के मटके में सिमट कर अंदर चली गयी। यह सब फिल्मी लगता है पर जब रियल में यह सब घट रहा था तब हमारी जान निकल रही थी। मै, पापा और माँ उस पानी के मटके के पास गए तो हमे उस मटके में से किसी के हसने की आवाज़ आने लगी, और जब पापा नें मटके का ढक्कन हटाया तो अंदर का पानी में कुछ हलचल हो रहा था जैसे की उसमें किसी नें पत्थर मारा हो। अब हम तीनों घर के हॉल में आ कर बैठ गए। तभी अचानक बाथरूम के पानी के नल अपने आप खूल गए। थोड़ी ही देर में हॉल की ज़मीन के नीचे से भी तेज़ आवाज़ें आने लगी। अब मेरे पापा के सब्र का बांध टूट रहा था। और उन्हे हम सब की जान की फिक्र भी थी। उन्होने रात में ही पड़ौसीयों को जगा दिया। और सारी हकीकत बताई। हमारे एक पड़ौसी नें तो यहाँ तक कहा की आप के पुराने ज़मीन मालिक को यह पता था की इस ज़मीन में भूत-प्रेत का वास है, तभी तो उसने यह प्लॉट इतने सस्ते दामों में आपको बैच दिया। फिर एक पड़ौसी नें यह सुझाव दिया की आप ज़मीन खुदवा कर देख लो की अंदर क्या है, शायद उसकी शुद्धि होने से सारे परेशानी ख़त्म हो जाए।

आप पढ़ रहे हैं bhoot pret ki kahani hindi में

नया मकान खुदवाने के लिए पापा का दिल तो नहीं किया पर, यह मामला खतरनाक था इसलिए पापा नें अगले ही दिन तीन मज़दूर बुला लिए और पूरे घर की ज़मीन का निरक्षण करवा कर खुदवाने का फैसला लिया। पारलौकिक गतिविधियों की जांच कर टीम नें दो जगह बताई जहां पर काफी ज्यादा गतिविधियों आ रहे थे। पापा नें फौरन उन जगहों पर गहरी खुदाई कराई। आप यकीन नहीं करेंगे, हमें उस ज़मीन से दो इन्सानी कंकाल मिले। हमनें फौरन पुलिस को बुला लिया। पुलिस नें उन अंजान कंकालों को अपनें कब्ज़े में लिया, प्लॉट के मालिक को उसी दिन पूछ-ताछ के लिए थाने ले गए। खैर उस दिन के बाद हमने अपना घर तो पुनः बनवा लिया। पर आज भी यह बात एक रहस्य है की वह किसके कंकाल हैं। और उस ज़मीन के नीचे कैसे आयें होंगे। भगवान का शुक्र है उस दिन के बाद हमारे घर में कभी भी, कोई पारलौकिक घटना नज़र नहीं आई है। पर दिल में यह खयाल हमेशा आता रहता है की वह लोग कोन होंगे जिनहे मार कर उसके हत्यारे में उस प्लॉट के नीचे दफनाया गया होगा।

तो दोस्तों ये थी bhoot pret ki kahani hindi में, आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं की कैसी लगी आपको ये कहानी। हम आपके लिए ऐसी ही कहानियां (Ek Darawaane Bhoot ki Kahani, Rapunzel ki kahani) हमेशा लाते रहेंगे।

Sharing is caring!